यूक्रेन - रसिया युद्ध क्यों हुआ?
वर्तमान परिदृश्य में रूस यह नहीं चाहता था कि यूक्रेन नाटो का सदस्य बने लेकिन यूक्रेन लगातार ही नाटो का सदस्य बनने की कोशिश कर रहा था। और अगर यूक्रेन नाटो का सदस्य बन जाता तो रूस की सुरक्षा पर खतरा हो सकता था। बस रूस की इतनी ही मांग थी कि यूक्रेन को नाटो का सदस्य ना बनाई जाए।
आज रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया कमला लगभग 4:05 बजे सुबह किया गया एवं रात होते-होते रूस ने लगभग यूक्रेन की राजधानी कीव पर कब्जा कर लिया।इस युद्ध में अरबों रुपए बर्बाद हुए और ना जाने कितने अरबों रुपए की संपत्ति एवं बहुमूल्य जिनका कोई मूल्य नहीं दिया सकता लोगों की जानें गई। पूरे विश्व समुदाय को बहुत नुकसान हुआ ,इसके पीछे किसकी गलती है?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वैसे तो बहुत यंग है लेकिन उनकी राजनीति की समझ बहुत कम है, उनकी दूरदृष्टि बहुत कम है, वह चाहते तो नाटो की सदस्यता अभी टालने का निर्णय लेकर इस युद्ध को रोक सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उनकी इस जिद नहीं एक पूरे देश को तबाह कर दिया। जिनके भरोसे यानी कि ब्रिटेन जर्मनी फ्रांस अमेरिका यूक्रेन रूस को आंख दिखा रहा था उन्होंने इस युद्ध में यूक्रेन का थोड़ा सा भी सहयोग नहीं किया। यह अमेरिका ही था जिसने गिनी के राष्ट्रपति को भरता भरता के उनकी मानसिकता को ऐसा कर दिया कि वह युद्ध लड़ने को मजबूर हो गए। जबकि इस पूरे घटनाक्रम को बातचीत से सुलझाया जा सकता था।
दूसरा महत्वपूर्ण कारण अमेरिका है, अमेरिका यूक्रेन के क्षेत्र में अपनी पहुंच बनाना चाहता था यह अपने नेवी और आर्मी की बेस बनाना चाहता था ताकि रूस घेर सके। और जब रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया तब वह पीछे हट गया।
तो सबसे बड़ा कारण अमेरिका की कमजोर विदेश नीति का है,अगर चाहता तो अमेरिका क्षेत्र में शांति बनाए रख सकता था लेकिन ने ऐसा नहीं किया, उसने बेवजह यूक्रेन को युद्ध करने के लिए बढ़ावा दिया जिस वजह से आज यह विश्व का एक बहुत बड़ा संकट बन के सामने आ गया है।

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